रूटीन के अलावा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में चल रहे मुद्दों पर खबर होनी चाहिए। खबर पाठक के लिए रुचिकर हो और साथ ही इसका विषय अर्थपूर्ण हो। कुल मिलाकर पाठक उस खबर पर टिकना चाहिए। वह समय निकालकर इस खबर को पढ़ने के लिए मजबूर हो।
किसी भी खबर को लिखने से पहले इसका शोध जरूरी है। संबंधित आंकड़ों को खंगालना जरूरी होता है। समाचार लिखने से पहले तथ्यों को एकत्रित करना जरूरी होता है।
हर खबर में भी लेखक के अपने खुद के विचार शामिल होना स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन, इसके तहत ध्यान रखना यह जरूरी है कि वह संक्षेप में हो। ऐसा नहीं होने पर वह खबर की जगह संपादकीय पेज का लेख बन जाएगा।
रिपोर्टर (खबर का कवरेज करने वाला) यदि मुद्दे की खबर बनाता है तो वह पहले खुद तय करें कि यह क्यों महत्वपूर्ण है। इसके बाद वह खबर के माध्यम से भी पाठक को अवगत कराएं। समाचारपत्र की दुनिया में भी विरोधी तो होता ही हैं। ऐसे में अपना पक्ष तथ्यों के साथ रखना जरूरी होता है। यदि विपक्ष अच्छा कवरेज करे तो यह भी जरूरी है कि उसे स्वीकार करें, जिससे हमारा पक्ष अगली कड़ी में और तर्कपूर्ण होगा।
Best of luck ...
ReplyDeleteThanks Bhai
ReplyDelete