व्यापार का केंद्र था कोलकात्ता, इसलिए अखबारों की हुई यहां से शुरुआत

भारत में यूरोपीय लोगों के आने के साथ ही समाचार पत्रों का इतिहास भी शुरू होता है। सबसे पहले प्रिंटिंग प्रेस लाने का श्रेय पुर्तगालियों को को दिया जाता है। 1557 ईस्वी में गोवा के कुछ पादरी लोगों ने भारत की पहली पुस्तक छापी थी। 1684 ईस्वी में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत की पहली अपनी पुस्तक की छपाई की थी। 1684 ईस्वी में कंपनी ने भारत में प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना की। 18वीं सदी के अंत तक भारत के लगभग ज्यादातर नगरों में प्रेस स्थापित हो गए थे। भारत में सबसे पहले 29 जनवरी 1780 में जेम्स आगस्टस हिक्की ने सबसे पहला अखबार बंगाल गजट निकाला था, जिसे कलकत्ता जनरल एडवाइजर के नाम से भी जाना गया।

हिक्की ने अपने अंक में लिखा था कि मुझे अखबार छापने का विशेष चाव नहीं है, ना मुझमें इसकी योग्यता है .......। मुझे अपने शरीर को कष्ट देना स्वीकार है, ताकि मैं मन और आत्मा की स्वाधीनता प्राप्त कर सकूं। इसके बाद 1780 में ही इंडिया गजट का प्रकाशन हुआ। इस अखबार में केवल ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यावसायिक गतिविधियों का समावेश रहता था। कोलकाता अंग्रेजों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र था। यहां बंदरगाह भी था। इसी वजह से अखबारों की शुरुआत यहां से हुई।
18वीं सदी के अंत तक बंगाल से कोलकाता कॉरियर, मुंबई से बंबई समाचार प्रकाशित हुआ। इसी दौरान मद्रास कॉरियर चेन्नई से प्रकाशित हुआ। इसी बीच 1799 में सबसे पहला प्रेस एक्ट आया। यह भारत का पहला एक्ट माना जाता है। जिसे सर वेलेजली ने लागू किया।
1819 में भारतीय भाषा में पहला समाचार पत्र संवाद कौमुदी प्रकाशित हुआ। राजा राममोहन राय ने बंगाली भाषा में इसे छापा था। इसके बाद 1822 में ही मिरात उल अखबार का प्रकाशन भी राजा राममोहन ने किया। 1822 में ही गुजराती भाषा से मुंबई ना समाचार शुरू हुआ। भारतीय भाषा का यह सबसे पुराना समाचार पत्र है

इतिहास की अगली कड़ी जारी रहेगी...

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